पिता की मौ’त के बाद खेतों में किया काम, अब आईपीएस बनीं इल्मा अफ़रोज़

मुस्लिम देश की आबादी में दूसरा सबसे बड़ा समुदाय है. लेकिन इसके बाद भी आमतौर पर माना जाता है मुस्लिम समुदाय शिक्षा के मामले में काफी पिछड़ा हुआ हैं. भारतीय मुसलमान शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़े हुए है और अगर महिलाओं की बात की जाए तो वह तो और भी ज्यादा पीछे हैं. शिक्षा के क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के पिछड़े के कई कारण और परेशानियां भी हैं.

लेकिन कहा जाता है कि अगर हौसला रखा जाए तो बिना पर के उड़ा भी जा सकता हैं. ऐसा ही कुछ एक मुस्लिम लड़की ने कर दिखाया है. एक म्सुलिम लड़की ने शिक्षा के दम पर वो मुकाम हासिल कर लिया है कि आज उसकी हर कोई तारीफ कर रहा है.

इससे पता चलता है कि अब मुस्लिम समाज भी शिक्षा को लेकर जागरूक हो रहा है और इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा हैं. अक्सर ही छोटे शहरों से मुस्लिम बच्चों के बड़े बड़े इम्तिहान पास करने की ख़बरें सामने आती रहती हैं. ऐसी ही एक ख़बर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सामने आई हैं.

मुरादाबाद के एक छोटा सा कस्बा कुंदरकी में रहने वाली इल्मा अफ़रोज़ ने यूपीएससी की परीक्षा पास की है. उन्हें इस परीक्षा में 217 रैंक मिली है और इसके बाद अब उनका आईपीएस बनना तय हो गया है. उन्होंने यह कामयाबी अपनी मेहनत के दम पर लिखी हैं, इल्मा अफ़रोज़ का जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है.

वह महज 14 साल की थी तब उनके पिता का इंतकाल हो गया था. जिसके बाद परिवार संभालने की जिम्मेदारी बड़ी बेटी होने के नाते उन पर आ गई थी. इल्मा खेत में पानी चलाने, गेंहू काटने, जानवरों का चारा बनाना जैसे काम भी करती रही लेकिन इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी.

इल्मा की कहानी किसी को भी हैरान कर सकती है. वह पेरिस, लंदन, न्यूयॉर्क और जकार्ता तक में पढ़ाई कर चुकी हैं. वह अपनी पढ़ाई ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में भी कर चुकी हैं. इल्मा ने यूएन और क्लिंटन फॉउंडेशन के लिए भी काम किया है लेकिन इसके बाद भी इल्मा बिल्कुल साधारण कपड़े पहनती हैं और साधारण तरीक़े से ही रहती हैं.

इलमा ने बताया कि पहले 12वीं तक पढ़ाई स्कॉलरशिप के बेस पर हुई. फिर दिल्ली स्टीफ़न कॉलेज में दाख़िला मिल गया यहां भी स्कॉलरशिप से पढाई हुई. इसके बाद पेरिस, न्यूयॉर्क, ऑक्सफोर्ड सब जगह स्कॉलरशिप मिलती रही और मैं पढ़ती गई. अब उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली हैं जिससे उनके परिवार और गांव में ख़ुशी का माहौल हैं.