सीएम योगी ने पार्क में पानी भरवाया ताकि मुसलमान नमाज़ न पड़ पाए लेकिन गैर मुस्लिम फैक्ट्री मालिकों ने नमाज़ के लिए छतें खोल दीं

हाल ही में यूपी के नोएडा में पुलिस ने एक आदेश जारी करके पार्कों में नमाज़ पड़ने पर रोक लगा दी है. पुलिस ने इलाके में स्थित सभी कंपनियों को कहा गया है कि उनके जहां काम करने वाले कर्मचारियों को कहे की वह किसी भी पार्क में नमाज़ न पढ़े और अगर इसका पालन नहीं किया जाता है तो कार्रवाही कंपनियों को की जाएगी. योगी सरकार ने पार्क में नामज़ न हो सके इसके लिए पार्कों में पानी तक भरवा दिया हैं. जिन पार्कों में भी जुमे की नमाज़ अदा की जाती थी उनमें नामज़ के समय पानी भर दिया गया था.

यूपी सरकार के इस भेदभावपूर्ण रेवैये की जमकर आलोचना हो रही है तो वहीं इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई है तो साम्प्रदायिक सौंदर्य का नजीर पेश करती हैं. दरअसल मजदूरों को नमाज़ पढवाने के लिए कई हिन्दू फैक्ट्रियों के मालिकों ने अपने कारखानों के दरवाजे खोल दिए है.

इसके लिए फैक्ट्री मालिकों द्वारा छतें साफ करवाई जा रही है. नोएडा में कई बड़ी कंपनियों के कारखाने है इनमें काम करने वाले मुस्लिम समुदाय के मजदुर यूं पांचों वक्त के नमाजी तो नहीं है लेकिन सिर्फ जुमे यानी शुक्रवार को दोपहर की नमाज़ वे भी पढ़ना चाहते हैं.

लेकिन नमाज़ के समय लोगों की संख्या ज्यादा हो जाते है इससे मस्जिदों में जगह कम पड़ जाती है तो ऐसे में खाली मैदान में नामज़ अदा की जाती थी लेकिन यह योगी सरकार को रास नहीं आया और उन्होंने पार्क में नामज़ रोकते हुए पार्कों में पानी भरवा दिया.

इसके बाद नमाजियों के सामने समस्या खड़ी हो गई ऐसे में उनकी मदद के लिए गैर मुस्लिम फैक्ट्री के मालिक आगे आए. उन्होंने अपने कारखानों की छतें साफ करवाई है और नमाजियों को नमाज़ पढ़ने की व्यवस्था कराई. इतना ही नहीं उनका कहना है कि वह जल्द ही नामज़ के लिए इमाम की व्यवस्था भी कर देंगे ताकि उनके मुस्लिम भाईयों को कोई परेशानी न हो.