अब आगरा का नाम बदलने की तैयारी में योगी सरकार, जुटाए जा रहे साक्ष्य

अब आगरा का नाम बदलने की तैयारी में योगी सरकार, जुटाए जा रहे साक्ष्य

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब आगरा जिले के नाम बदलने की तैयारी में है. इस मामले में जिले के आंबेडकर विश्वविद्यालय से नाम बदलने के प्रस्ताव पर साक्ष्य मांगे गए हैं. अब इस पर विश्वविद्यालय का इतिहास विभाग मंथन कर रहा है. इतिहास के जानकारों के मुताबिक, आगरा का नाम अग्रवन हुआ करता था. जिसको लेकर योगी सरकार अब ये साक्ष्य तलाशने की कोशिश कर रही है कि अग्रवन का नाम आगरा किन परिस्थितियों में किया गया था जिसको लेकर सरकार ने आगरा की अंबेडकर यूनिवर्सिटी को आगरा के नाम के पीछे के ऐतिहासिक पक्ष की पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं।

2017 में यूपी की सत्ता में आने के बाद से ही योगी सरकार ने नाम बदलने का सिलसिला जारी रखा है. बता दें उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इससे पहले इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज, मुगलसराय का रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन कर चुकी है।

वहीं फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या और बनारस का नाम बदलकर वाराणसी किया गया है। यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग के प्रोफेसर सुगम आनंद का कहना है कि इस संबंध में यूनिवर्सिटी को सरकार से एक पत्र मिला है। इस पत्र को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में अध्ययन शुरु कर दिया गया है। आगरा के नाम को लेकर प्राचीन प्रमाण खंगाले जा रहे हैं।

आपको बता दें आगरा के ही भाजपा नेता जगन प्रसाद ने आगरा शहर का नाम बदलने की मांग की थी. उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी भी लिखी. हालांकि उन्होंने आगरावन करने की मांग की थी भाजपा नेता ने सीएम को लिखा कि आगरा ने काफी वन हैं और महाराजा अग्रसेन के काफी चाहने वाले इस शहर में रहते हैं इसलिए इस शहर का नाम आगरावन होना चाहिए।

इतिहासकारों के अनुसार1000 ईसा पूर्व तौलमी ऐसा पहला व्यक्ति था, जिसने अग्रुवन को पहली बार आगरा कहकर बुलाया था और फिर धीरे-धीरे अग्रवन को आगरा ही काह जाने लगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि योगी सरकार जल्द ही अलीगढ़, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, गाजीपुर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और आजमगढ़ के नाम भी बदल सकते हैं।

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