तब्लीगी जमात को बदनाम करने वाले ‘वायरस’ मीडिया Zee News ने सार्वजनिक रूप से मांगी माफ़ी

क्या आप तीन दिन में दो बार फटकार खाना पसंद करेंगे? लेकिन हमारे देश का मीडिया गिर चूका है की बार बार फटकार के बाबजूद भी नहीं सुधर रहा है. दरअसल, ये Zee News की यह मानवीय भूल नहीँ है बल्कि यह इनकी रगों में दौड़ रहे वफादारी के नमक का असर है, क्योकि पूरा देश इस वक्त एकजुट होकर कोरोना वायरस से संघर्ष कर रहा है. लेकिन इस एकता को तोड़ने का प्रयास लगातार कुछ मीडिया वाले कर रहे हैं।

आज देश के अधिकांश लोग भारतीय न्यूज चैनलों और उनके पत्रकारों का नाम सामने आते ही भड़क उठते क्योकि ये लोग देश के असल दुश्मन हैं. जो न्यूज चैनल दिन रात एक वर्ग विशेष के खिलाफ प्लांट और फेक खबरें प्रसारित कर रहा हैं, वो सबसे बड़े देशद्रो’ही है. इन चैनलो ने कोरोना जैसी महामा’री में भारत में सां’प्रदायि’कता की महामा’री फैलाना शुरु कर दी है, जो भारत के लिए बेहद ख’तरना’क है।

दरअसल, 6 अप्रैल को दोपहर साढ़े चार बजे के करीब ज़ी न्यूज़ के ही ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट होता है. ट्वीट में एक ख़बर होती है, जिसकी हेडलाइन है फिरोजाबाद में 4 तबलीगी जमाती कोरोना पॉजिटिव, इन्हें लेने पहुंची मेडिकल टीम पर हुआ प’थरा’व. इतना ही नहीं इस ट्वीट में बाकायदा यूपी पुलिस और फिरोजबाद पुलिस को भी मेंशन किया था।

लेकिन जब मेंशन हुए ट्वीट पर कॉमेंट भी आया. फिरोजाबाद पुलिस ने फटकार लगते हुए लिखा आपके द्वारा अ’सत्य एवं भ्रा’मक खबरें फैलाई जा रही हैं. जबकि जनपद फिरोजाबाद में न तो किसी मेडिकल टीम एवं न ही एंबुलेंस गाड़ी पर किसी तरह का प’थरा’व किया गया है. आप अपने द्वारा किए गए ट्वीट को तत्काल डिलीट करें।

ज़ी न्यूज़ को दूसरी फटकार अरुणाचल प्रदेश से लगी जब zee न्यूज़ ने खबर फैलाई कि अरुणाचल में कोरोना संक्रमित 19 मरीज जमात के हैं। जिसको लेकर IPR अरुणाचल प्रदेश को इस खबर का खंडन करना पड़ा है. लेकिन सबसे बड़ी बात की सरकार जब इस खबर का फेक न्यूज़ का खंडन कर रही है तो इस चैनल के खिलाफ़ कार्यवाही क्यों नही?

वही IPR अरुणाचल प्रदेश को इस खबर का खंडन करने के बाद ज़ी न्यूज़ नई सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा की मानवीय भूल से zee news पर अरुणाचल प्रदेश में तब्लीगी जमात के 11 लोगों संक्रमित होने की खबर दिखाई गई इस गलती का हमें खेद है।

देश में 21 दिनों के इस बंद के दौरान नकली समाचार न केवल लोगों को गुमराह कर रहे है, बल्कि लोगों में द’हश’त और नि’राशा पैदा कर रहे है. हमने पहले ही सोशल मीडिया में बहुत सारे नकली ऑडियो वीडियो संदेश वायरल होते देखे हैं, जिसके बाद लोगों ने कुछ व्यक्तियों का ब’हिष्का’र करना शुरू कर दिया।